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बिना प्रभार के पटवारी कार्यालय अनाथ, किसान व ग्रामीण परेशान

  • rounak group

अवधेश टंडन की रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा(हसौद) / शौर्यपथ / जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर ब्लाक अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत हसौद सहित आसपास के किसान व ग्रामीण इन दिनों काफी परेशान नजर आ रहे हैं और हो भी क्यों ना क्योंकि पिछले कई महीनों से हसौद उपतहसील अंतर्गत पटवारी हल्का नम्बर 38 में पटवारी को प्रभार नही मिला है जिससे किसानों का जमीन संबंधी काम नही हो पा रहा है।
आपको बता दें कि जैजैपुर ब्लॉक अंतर्गत हसौद एक बड़ा ग्राम पंचायत है,साथ ही उपतहसील भी है। जिससे कई ग्राम पंचायतों का काम यही से होता है और यहां हर रोज कई किसान सहित ग्रामीण अपनी जमीन संबंधी कामों को कराने आते है। परंतु यह इस क्षेत्र का दुर्भाग्य हैं कि पिछले कई महीनों से उपतहसील के पास बने कार्यालय में हसौद पटवारी हल्का नम्बर 38 में पटवारी देव कश्यप को प्रभार नही मिला है जिससे किसानों सहित आम ग्रामीणों का जमीन संबंधी कोई काम नही हो पा रहा है। वही पटवारी देव कश्यप पहले से ग्राम पंचायत धमनी के पटवारी पद पर नियुक्त है। साथ ही उनको हसौद जैसे बड़े ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी दी गयी है हालांकि अब तक उन्हें पूर्व पटवारी द्वारा प्रभार नही दिया गया है जिससे जाति ,आमदनी,निवास जैसे छोटे कामो को छोड़कर अन्य जमीन संबंधी काम नही कर पा रहे है उप तहसील हसौद के ठीक बगल में पटवारी कार्यालय होने के बाद भी अधिकारी कुम्भकर्णी निद्रा में सोए हुए है। जिसके कारण अब तक पटवारी देव कश्यप को हसौद हल्का नम्बर 38 का प्रभार नही मिला है ।
यहां पूर्व में आर आई व पटवारी के पद पर एक ही अधिकारी पदस्थ थे जिनके साले के द्वारा हसौद पटवारी कार्यालय में ही ग्रामीणों से प्रत्येक काम के लिए अवैध वसूली किए जाने की खबर लगने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पटवारी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया जिसके बाद देव कश्यप को हसौद हल्का नम्बर 38 की जिम्मेदारी दी गई पर अब तक उन्हें प्रभार नही दिया गया जिससे कई तरह के सवाल खड़ा होता है। क्या अधिकारियों को हसौद के ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों से कोई सरोकार नही है।
वैसे भी किसान और ग्रामीण जिनको जमीन खरीदी बिक्री या जमीन संबंधित अन्य काम के लिए भटकना पड़े इससे अधिकारियों को क्या मतलब, वो तो एसी के कमरे में बैठ कर अपना काम करते है। एक तो किसान और ग्रामीण कोविड 19 के कारण परेशान है तो वही दूसरी ओर हसौद उपतहसील में हल्का नम्बर 38 में पटवारी के पास प्रभार न होने से लोगों का जमीन संबंधी कामों के लिए भटकना पढ़ रहा है जिससे किसानों एवं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
जिम्मेदारो को नही है, प्रभार नही दिए जाने की जानकारी या बन रहे अनजान
हसौद उपतहसील के जिम्मेदार अधिकारी को भी मालूम नही है कि देव कश्यप को अब तक हल्का नम्बर 38 का प्रभार मिला है या नहीं, नियुक्ति आदेश जारी कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारीयों से पल्ला झाड़ लिये शायद यही वजह है कि जिम्मेदार अधिकारी पटवारी को कोविड 19 के कारण व्यस्त और अन्यत्र जिम्मेदारी निभाने की बात कही जा रही है।
कार्यालय के दीवाल में लिखा है अब तक पूर्व पटवारी का नाम
हसौद के हल्का नम्बर 38 के पटवारी कार्यालय में अब तक पूर्व पटवारी श्यामसिंह मरकाम का नाम व नम्बर लिखा हुआ है जिससे किसान भ्रमित होते हैं। और आज भी उन्हें पटवारी मरकाम का इंतजार रहता है।

 

हसौद हल्का नम्बर 38 में देव कश्यप पटवारी के प्रभार में है और अभी कोविड-19 के महामारी के कारण कही कही ड्यूटी लगने से नही आ पा रहे होंगे।
के के पाटनवार
हसौद तहसीलदार

हसौद पटवारी हल्का नम्बर 38 की जिम्मेदारी मुझे मिली है पर पूर्व पटवारी द्वारा अब तक प्रभार नही दिया गया है जिस कारण किसानों का जमीन संबंधी काम नही हो पा रहा है जाती, आमदनी, निवास जैसे कामों को कर रहा हूं।
देव कश्यप
प्रभारी पटवारी हसौद

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