कृषि क्षेत्र में कार्बन नियंत्रण और जल संवर्धन की संभावनाओं पर हुआ मंथन
राजनांदगांव, । Indian Institute of Technology Bhilai एवं Sri Aurobindo Yoga and Knowledge Foundation के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एवं सस्टेनेबल इंडिया अवार्ड कार्यक्रम में कृषि, पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में छुरिया विकासखंड के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुदेश पटेल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कृषि क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण तथा जल संरक्षण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छुरिया विकासखंड के ग्राम घुपसालकु में जल एवं कार्बन नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत रबी सीजन में धान के स्थान पर 100 प्रतिशत क्षेत्र में मक्का की खेती अपनाई गई, जिससे कार्बन नियंत्रण के साथ-साथ जल संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रस्तुतीकरण में कृषि आधारित सतत विकास मॉडल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया गया।
कार्यक्रम में Dr. Majumdar, Dr. Mahir Biswas, Dr. Rajiv Prakash, Dr. N. V. Ramanna Rao, Dr. Tom Smahon तथा Dr. S. N. Ghosh सहित अनेक शिक्षाविद्, वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।