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सावधान! पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के अपहरण की साजिश नाकाम, छत्तीसगढ़ पुलिस की मुस्तैदी ने चंगुल से छुड़ाया Featured

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राजनांदगांव | 

छत्तीसगढ़ की 'मदर टेरेसा' कही जाने वाली और प्रसिद्ध समाज सेविका पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के साथ कल (5 मई) एक रूह कंपा देने वाली घटना घटी। राजनांदगांव जिले में बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में उनका अपहरण करने की कोशिश की, जिसे छत्तीसगढ़ पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ ने नाकाम कर दिया। इस मामले में पुलिस ने एक मुख्य आरोपी महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

सेल्फी के बहाने रची गई साजिश: घटना का पूरा विवरण

जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी खुशबू साहू (निवासी बेमेतरा) अपने अन्य साथियों के साथ राजनांदगांव के सुकुलदैहान गांव स्थित फूलबासन बाई के निवास पर पहुंची। आरोपियों ने बड़ी चतुराई से इस साजिश को अंजाम दिया:

बहाना: खुशबू ने फूलबासन जी को घर से बाहर बुलाया और कहा कि कार में एक दिव्यांग महिला बैठी है जो उनके साथ सेल्फी लेना चाहती है।

अपहरण: जैसे ही फूलबासन बाई कार के पास पहुंचीं, आरोपियों ने उन्हें जबरदस्ती खींचकर गाड़ी के अंदर डाल लिया और तेजी से फरार हो गए।

कार के अंदर बर्बरता: पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने कार के भीतर ही फूलबासन जी के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि वे मदद के लिए शोर न मचा सकें।

चिखली पुलिस चौकी पर 'मिर्गी' का ड्रामा और गिरफ्तारी

अपहरणकर्ता खैरागढ़ मार्ग की ओर भाग रहे थे, लेकिन उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया। चिखली पुलिस चौकी के पास पुलिस की टीम रूटीन चेकिंग कर रही थी।

पुलिस का संदेह: जब संदिग्ध कार को रोका गया, तो घबराए हुए आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि "फूलबासन जी को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे उन्हें जल्दबाजी में अस्पताल ले जा रहे हैं।"

सतर्क पुलिसकर्मी की पहचान: चेकिंग के दौरान एक पुलिसकर्मी ने कार के भीतर बंधक स्थिति में पद्मश्री फूलबासन बाई को पहचान लिया। संदिग्ध स्थिति देख पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर चारों आरोपियों (2 महिला और 2 पुरुष) को हिरासत में ले लिया।

क्यों हुआ अपहरण? साजिश के पीछे की कहानी

प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मुख्य आरोपी खुशबू साहू पिछले 4 महीनों से फूलबासन जी के संपर्क में थी। पुलिस को संदेह है कि:

बेमेतरा क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों (SHG) के नाम पर अवैध वसूली की कोई बड़ी योजना थी।

रोजगार प्रशिक्षण के बहाने पद्मश्री के नाम का उपयोग कर कोई बड़ा वित्तीय लाभ कमाने की साजिश रची जा रही थी।

वर्तमान स्थिति

पुलिस की त्वरित कार्रवाई की पूरे राज्य में सराहना हो रही है। पद्मश्री फूलबासन बाई अब सुरक्षित हैं और उन्हें उनके घर पहुंचा दिया गया है। पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस अपहरण कांड के पीछे छिपे असली मकसद और किसी बड़े गिरोह के शामिल होने की पुष्टि की जा सके।

"अपराधियों के हौसले बुलंद थे, लेकिन पुलिस की एक छोटी सी रूटीन चेकिंग ने छत्तीसगढ़ की एक महान हस्ती को बड़ी अनहोनी से बचा लिया।"

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