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महा-परिवर्तन: तमिलनाडु में ‘थलपति’ युग का आगाज़, दशकों पुराने किलों को ढहाकर सत्ता के शिखर पर विजय Featured

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चेन्नई /
तमिलनाडु की सियासत में आज एक ऐसा सूर्योदय हुआ है जिसने पिछले पांच दशकों से चले आ रहे 'द्रविड़ियन' समीकरणों को जड़ से हिला दिया है। सिल्वर स्क्रीन पर अपनी एक मुस्कान से करोड़ों दिलों को धड़कने वाले जोसेफ विजय चंद्रशेखर, जिन्हें दुनिया 'थलपति' के नाम से जानती है, अब रील लाइफ के 'कमांडर' से रियल लाइफ के 'किंग' बन चुके हैं। उनकी नवनिर्मित पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) ने 2026 के विधानसभा चुनावों में वह कर दिखाया है जिसे कल तक राजनीतिक पंडित 'असंभव' मान रहे थे।
चुनावी आँकड़े: 'विजयरथ' की अविश्वसनीय रफ्तार
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 118 है। ताजा परिणामों ने राज्य को चौंका दिया है:
TVK की सुनामी: विजय की पार्टी 108 (107-109) सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।
दिग्गजों का पतन: सबसे बड़ा उलटफेर कोलथुर सीट पर हुआ, जहाँ TVK के नवागंतुक वी.एस. बाबू ने मौजूदा मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को हराकर द्रविड़ राजनीति के सबसे बड़े स्तंभ को हिला दिया।
पेरम्बूर से विजय की हुंकार: स्वयं विजय ने पेरम्बूर सीट से DMK के कद्दावर नेता आर.डी. शेखर को भारी मतों के अंतर से शिकस्त देकर अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता पर मुहर लगा दी है।
एक सितारे का 'राजनेता' में रूपांतरण
विजय का उदय कोई संयोग नहीं, बल्कि 15 वर्षों की सोची-समझी रणनीति का परिणाम है:
जमीनी नींव (2009-2021): विजय ने अपने प्रशंसक क्लबों (VMI) को केवल फिल्म प्रचार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें जनकल्याण के औजार में बदला। 2021 के स्थानीय चुनावों में मिली जीत ने ही संकेत दे दिया था कि 'थलपति' की सेना तैयार है।
सिनेमा का त्याग: फरवरी 2024 में TVK की घोषणा के साथ विजय ने अपने करियर के चरम पर फिल्मों से संन्यास लेने का साहसी फैसला किया, जिसने जनता को संदेश दिया कि वे राजनीति में 'पार्ट-टाइम' नहीं बल्कि पूर्णतः समर्पित सेवक के रूप में आए हैं।
वैचारिक त्रिकोण: विजय ने अपनी राजनीति को अम्बेडकर, पेरियार और कामराज के सिद्धांतों पर टिकाया है। सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के वादे ने युवाओं और महिलाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित किया।
भविष्य की राह: क्या 'किंगमेकर' बनेंगे 'किंग'?
यद्यपि TVK बहुमत के आंकड़े (118) से मात्र 10 सीटें दूर है, लेकिन सबसे बड़ा दल होने के नाते सत्ता की चाबी विजय के हाथ में ही है।
विश्लेषकों का मानना है: "विजय अब राज्य के निर्विवाद केंद्र बिंदु हैं। कांग्रेस और अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन की संभावनाओं के बीच, यह लगभग तय है कि तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री के रूप में जोसेफ विजय चंद्रशेखर शपथ लेंगे।"


निष्कर्ष:
एम.जी. रामचंद्रन (MGR) और जयललिता के बाद, विजय तीसरे ऐसे अभिनेता बने हैं जिन्होंने तमिलनाडु की जनता के सर पर अपनी लोकप्रियता का जादू इस कदर चलाया है। यह जीत केवल एक पार्टी की जीत नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए 'तीसरे ध्रुव' का उदय है।
तमिलनाडु अब एक नए नेतृत्व की ओर देख रहा है। क्या थलपति अपनी फिल्मों की तरह राज्य की समस्याओं का 'क्लाइमेक्स' बदल पाएंगे? पूरी दुनिया की नजरें अब चेन्नई के 'विजय निवास' पर टिकी हैं।

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