गंगटोक ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को सिक्किम के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य स्थापना के 50वें वर्ष (स्वर्ण जयंती) के समापन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और शुभारंभ करेंगे।
स्वर्ण जयंती समारोह में भागीदारी
28 अप्रैल को सुबह प्रधानमंत्री पालजोर स्टेडियम, गंगटोक में आयोजित समापन समारोह में शामिल होंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले वे गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा कर राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक और पुष्प विरासत का अवलोकन करेंगे।
हर क्षेत्र में विकास की बड़ी पहल
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जाने वाली परियोजनाएं कई अहम क्षेत्रों को कवर करती हैं:
- बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
- स्वास्थ्य और शिक्षा
- बिजली और शहरी विकास
- पर्यावरण संरक्षण
- पर्यटन और कृषि
इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है।
स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूती
- यांगंग में 100 बेड का आयुर्वेद अस्पताल (शिलान्यास)
- एनआईटी देवराली में सोवा रिग्पा अस्पताल (उद्घाटन)
- सिक्किम विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर
- हेलेन लेपचा मेडिकल कॉलेज, डेंटम व्यावसायिक कॉलेज
- 160 स्कूलों में आईटी-सक्षम शिक्षा परियोजना
कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
- तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील आर्च ब्रिज
- बिरधांग-नामची सड़क का उन्नयन
- गंगटोक में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण
शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण
- मिनी सचिवालय और सिविल सेवा संस्थान
- शहरी गरीब आवास और पुलिस आवास परियोजनाएं
- सिंगतम में सीवरेज सिस्टम और नदी प्रदूषण नियंत्रण योजनाएं
पर्यटन और धार्मिक अवसंरचना को बढ़ावा
- रिज प्रीसिंक्ट का पुनर्विकास
- कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ी सुविधाएं
- इको-टूरिज्म और तीर्थ स्थलों का विकास
- कृष्णा प्रणामी मंगलधाम में यात्री निवास
कृषि और युवाओं के लिए पहल
- IFFCO प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन
- रंगपो में इंडोर क्रिकेट सुविधाएं
पूर्वोत्तर विकास का संकेत
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर सिक्किम के सतत और तेज विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत है।
स्वर्ण जयंती वर्ष में यह पहल सिक्किम को बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।